
जमशेदपुर: वीर शहीद की 236वीं जयंती के सफल आयोजन के बाद रविवार को जमशेदपुर परिसदन में समीक्षा सह धन्यवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पोटका के विधायक ने की।
बैठक में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत पोटका, जमशेदपुर, सोनारी, बहरागोड़ा, नीमडीह, पटमदा और बोड़ाम प्रखंडों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने समाज की एकता और पहचान को नई मजबूती दी है।

इस दौरान आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और दूर-दराज से आए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि हजारों लोगों की भागीदारी से कार्यक्रम सफल हुआ और समाज के हर वर्ग का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बैठक में असम, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से भी प्रतिनिधियों की विशेष भागीदारी रही। असम से जूली भूमिज और रिंकी भूमिज, जबकि पश्चिम बंगाल से दीनबंधु सिंह और रामपदो सिंह सहित अन्य लोगों ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से विभिन्न राज्यों में बसे समाज के लोगों को एक मंच मिलता है, जिससे आपसी समन्वय और एकता मजबूत होती है।
इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि गंगा नारायण सिंह जयंती समाज को जोड़ने का बड़ा माध्यम बन चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि अब हर वर्ष इसी तरह भव्य रूप से जयंती मनाई जाएगी और समाज को शिक्षा व जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में राधेश्याम भूमिज, हरीश चंद्र सिंह भूमिज, संजय सरदार, सुधाकर सिंह, नंदलाल भूमिज, लाल सरदार, सुनील सिंह, हरिपद सिंह, बैधनाथ सिंह, भानु सिंह, इंद्रजीत सिंह, भोलानाथ सिंह, रबीन्द्र नाथ सिंह, उमेश सिंह मुंडा, मदन सिंह मुंडा समेत बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आने वाले वर्षों में गंगा नारायण सिंह जयंती को और अधिक भव्य और संगठित रूप में मनाया जाएगा, ताकि समाज की एकता और पहचान और मजबूत हो सके।