
रांची। हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित भव्य समारोह में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तहत कुल 299 नवनियुक्त पदाधिकारियों और पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
इनमें 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और 237 महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

विभाग को मिलेगी मजबूती
लंबे समय के इंतजार के बाद हुई इन नियुक्तियों से विभाग के रिक्त पद भरेंगे और कार्यक्षमता में बड़ा इजाफा होगा। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए “गर्व का क्षण” बताते हुए कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज और राज्य के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
1. कुपोषण के खिलाफ जंग
मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने खासकर आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
2. अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए कर्मियों को सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
3. पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए तकनीक के उपयोग पर जोर दिया।
आंगनबाड़ी सेविकाओं और पर्यवेक्षिकाओं को मोबाइल और टैब उपलब्ध कराए गए हैं
डिजिटल माध्यम से निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी
महिलाओं और बच्चों पर फोकस
इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
सरकार को उम्मीद है कि इन नई नियुक्तियों से जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।