
जमशेदपुर स्थित Netaji Subhas University में World Earth Day के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन को विश्वविद्यालय के भूगोल, कृषि, प्राणीशास्त्र और वनस्पति विज्ञान विभागों ने संयुक्त रूप से संपन्न कराया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘जौ के बीज’ बोने की प्रतीकात्मक परंपरा के साथ हुई, जो समृद्धि, विकास और प्रकृति के साथ संतुलन का संदेश देती है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें शिक्षकों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कई पौधे लगाए।
इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान सत्र में विशेषज्ञों और संकाय सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पर्यावरणीय संकटों को समझने और समाधान खोजने के लिए भौगोलिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से पृथ्वी संरक्षण के अभिनव विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। भूगोल विभाग के छात्र हरीश भुइयां ने प्रकृति पर आधारित कविता पाठ कर मानव और पर्यावरण के गहरे संबंधों को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति Madan Mohan Singh ने अपने संदेश में कहा कि पृथ्वी दिवस केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। वहीं कुलपति Dr. Prabhat Kumar Pani ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को प्रकृति के साथ व्यावहारिक रूप से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा पृथ्वी को सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ हुआ। इस दौरान विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।