
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर चाकुलिया और घाटशिला क्षेत्र में हालात चिंताजनक हो गए हैं। जंगलों से निकलकर हाथी अब गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है।
वाहन को घेरा, चालक की सूझबूझ से टला हादसा
मंगलवार को चाकुलिया के मयूरनाचनी गांव के पास सात हाथियों का झुंड कई दिनों से डेरा डाले हुए है। इसी दौरान एफसीआई गोदाम से अनाज लेकर जा रहे एक वाहन को हाथियों ने घेर लिया।
चालक विक्की मल्लिक ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को तुरंत पीछे कर लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चालक के अनुसार कच्ची सड़क और घने जंगल के कारण हाथियों की मौजूदगी का पहले से अंदाजा नहीं लग सका।
छात्रा घायल, ग्रामीणों ने बचाई जान
वहीं हवाई पट्टी क्षेत्र में एक स्कूली छात्रा हाथियों से बचने के दौरान घायल हो गई। माचाडीहा गांव की 11वीं की छात्रा सुकुल सोरेन साइकिल से स्कूल जा रही थी, तभी अचानक दो हाथी सामने आ गए।
घबराकर भागने के दौरान वह गिर गई, जिससे उसके हाथ और कमर में चोट लग गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को भगाया और छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग पर सवाल
लगातार बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से पर्याप्त सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है।
हाथियों को खदेड़ने के लिए संसाधनों की कमी
समय पर रेस्क्यू टीम का न पहुंचना
गांवों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर
इन सब कारणों से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि हाथियों के आतंक से राहत मिल सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल, प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और जंगलों के आसपास अकेले न जाने की सलाह दी गई है।