
नन्ही उम्र, बड़ा जज़्बा
साइका अख्तर पिछले कई वर्षों से बिना किसी भेदभाव और स्वार्थ के गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद कर रही हैं। उन्हें शहर की “सबसे नन्ही समाजसेविका” के रूप में भी जाना जा रहा है। उनका मानना है कि हर बच्चे को पढ़ने-लिखने का पूरा अधिकार है, और इसी सोच के साथ वह जरूरतमंद बच्चों को किताबें, कॉपियां और पढ़ाई का सामान वितरित करती हैं।
मॉडलिंग और स्केटिंग में भी कमाल
सिर्फ समाज सेवा ही नहीं, साइका ने मॉडलिंग और स्केटिंग की दुनिया में भी कई मेडल और अवार्ड अपने नाम किए हैं। छोटी उम्र में ही उन्होंने इन क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। पढ़ाई और खेलकूद में भी वह हमेशा अव्वल रहती हैं।
परिवार का पूरा सहयोग
उनकी इस नेक पहल में उनके परिवार का भी अहम योगदान है। उनकी माताजी सना अख्तर, मामा और अन्य परिवारजन हमेशा उनका हौसला बढ़ाते हैं और हर कदम पर साथ देते हैं।
पॉकेट मनी से सेवा
साइका की सबसे खास बात यह है कि वह अपनी पॉकेट मनी तक गरीब बच्चों की मदद में खर्च करती हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी छोटी-सी कोशिश से कोई बच्चा पढ़ाई के लिए प्रेरित होता है, तो वही उनकी सबसे बड़ी खुशी है।