
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस प्रकार से इस बार पश्चिम बंगाल मे सत्ता हासिल की है, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और जनता के वास्तविक जनादेश को लेकर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रशासनिक दबाव, धनबल और विभाजनकारी राजनीति के सहारे बंगाल की सत्ता तक पौछी है, जो लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।
देबाशीष घोष ने कहा कि Indian National Congress इस तरह की राजनीति का हमेशा विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के बीच बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक तनाव के मुद्दों को दबाकर सत्ता हासिल करना स्थायी नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने हमेशा लोकतंत्र, भाईचारे और शांति को महत्व दिया है, और यदि इन मूल्यों से समझौता किया गया है तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर सदन तक इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और सच्चाई को सामने लाने का काम जारी रखेगी।