
रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर मंत्री के समर्थकों ने मारपीट की। इस घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी नाराज़गी है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है।
जमशेदपुर में विरोध प्रदर्शन
जमशेदपुर में प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा कि:
मंत्री इरफ़ान अंसारी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें
हमले में शामिल दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो
राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा की गारंटी दे

पत्रकारों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति और सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
व्यापक असर
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राज्य में पत्रकार कितने सुरक्षित हैं। मीडिया संगठनों का कहना है कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और सुरक्षित पत्रकारिता बेहद जरूरी है, और ऐसे हमलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।