
जमशेदपुर। कंवाई चालक संगठन का धरना 1 मार्च 2024 से लगातार जारी है। संगठन की ओर से चालकों को ₹370 मजदूरी देने की व्यवस्था बंद कर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, बोनस, इंश्योरेंस, बैंक भुगतान और 8 घंटे से अधिक कार्य पर दोगुना वेतन लागू करने की मांग की जा रही है।
मजदूर प्रतिनिधि ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिला उपायुक्त न्यायालय में लंबित मिस केस संख्या 135/22-23 पिछले पांच वर्षों से विचाराधीन है। उनके अनुसार मामले में का पक्ष है कि कंवाई चालकों से कंपनी का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। वहीं मजदूर पक्ष का कहना है कि यदि कंपनी का संबंध नहीं है तो पिछले 25 वर्षों से इन्हीं चालकों से वाहन पहुंचाने का कार्य क्यों कराया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई उपायुक्त बदलने के बावजूद अब तक मामले में निर्णय नहीं हो सका है। साथ ही कहा कि हाल ही में विभिन्न अखबारों में प्रकाशित खबरों में यह बताया गया कि कंवाई चालक फ्रीलांसर हैं और तथा टीटीसीए का उनसे कोई संबंध नहीं है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि दो दिनों तक टाटा मोटर्स की चेसिस बुकिंग प्रभावित रहने के बाद ट्रांसपोर्टर, टीटीसीए और कथित यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा वेतन और सुविधाओं में बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया है। मजदूर संगठन ने इसे “दोगलापन” बताते हुए पूरे मामले में कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
धरना दे रहे चालकों ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
